हेल्थ एजुकेशन के लिए whiteboard वीडियो

कोई बीमारी, दवा लेने का तरीक़ा या कोई सेहतमंद आदत ऐसी ड्रॉइंग से समझाएँ जिसे मरीज़ और स्टूडेंट आसानी से समझ सकें।

हम स्क्रिप्ट लिखते हैं, फिर उसे ड्रॉ करते हैं।

यह किसके लिए है

नर्सें और नर्सिंग स्टूडेंट्स, हेल्थ एजुकेटर, मरीज़ों के लिए जानकारी तैयार करने वाले क्लिनिक, जन-स्वास्थ्य अभियान और हेल्थ चैनल। आम विषय होते हैं: कोई बीमारी कैसे काम करती है, दवा कैसे लें, किसी प्रोसीजर से पहले क्या होता है, और रोज़ की आदतें जैसे नींद, पानी पीना या हाथ धोना।

ड्रॉइंग से मदद क्यों मिलती है

दिल, फेफड़ों या किसी रक्त-नली की सीधी-सादी ड्रॉइंग, जो समझाते-समझाते लाइन-दर-लाइन बनती है, एक पूरे पन्ने के टेक्स्ट या भारी-भरकम मेडिकल चित्र से ज़्यादा आसानी से समझ आती है। दर्शक वही हिस्सा देखता है जिसकी बात हो रही है, उसी क्रम में जिसमें उसे समझाया जा रहा है।

पहले से मंज़ूर टेक्स्ट से शुरुआत करें

मंज़ूर किया हुआ टेक्स्ट ‘मेरे पास स्क्रिप्ट है’ में पेस्ट करें, उसे शब्दशः पढ़ा जाता है, यानी आपकी टीम ने जो शब्द पास किए, मरीज़ वही शब्द सुनते हैं। आप PDF लीफ़लेट भी डाल सकते हैं: उससे नैरेशन लिखा जाता है, जिसमें उसके तथ्य और आँकड़े वैसे ही रहते हैं जैसे लिखे हैं। अगर लीफ़लेट हूबहू पढ़ा जाना ज़रूरी है, तो ‘शब्दशः पढ़वाएँ’ चुनें।

चार स्टेप

1. मंज़ूर टेक्स्ट पेस्ट करें, या PDF अपलोड करें। 2. ‘निर्देशक के नोट्स’ में आख़िर के लिए ‘डिस्क्लेमर कार्ड’ माँगें, जैसे ‘यह वीडियो आपके डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता’, और नैरेशन में उसे अपना अलग वाक्य दें। 3. ‘Professional Clean’ या ‘Marker — colorful’ जैसा शांत स्टाइल और नैरेशन की भाषा चुनें। 4. वीडियो बनाएँ, एक रिव्यूअर की नज़र से उसे एक बार पूरा देखें, फिर MP4 डाउनलोड करें।

यह क्या नहीं कर सकता

ड्रॉइंग सरल चित्रण हैं, शरीर-रचना के हिसाब से एकदम सटीक मेडिकल आर्टवर्क नहीं। बिल्ट-इन राइटर कोई मेडिकल स्रोत नहीं है और क्लिनिकल सटीकता नहीं जाँचता, इसलिए मरीज़ों के देखने से पहले किसी योग्य व्यक्ति से स्क्रिप्ट और तैयार वीडियो का रिव्यू करवाएँ। सदस्यता के साथ, कोई एक बोर्ड ग़लत बना हो तो पूरा वीडियो दोबारा बनाए बिना उसे फिर से बनवाया जा सकता है।

प्राइवेसी

स्क्रिप्ट में मरीज़ों के नाम या पहचान बताने वाली कोई और जानकारी न डालें। कोई वीडियो हमारी पब्लिक गैलरी में तभी दिखता है जब आप उसे शेयर करने के लिए राज़ी हों। तैयार वीडियो सदस्यता के बिना 7 दिन और सदस्यता के साथ 3 महीने तक रखे जाते हैं, इसलिए MP4 डाउनलोड करके अपनी वेबसाइट, पेशेंट पोर्टल या लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म पर होस्ट करें।

वही लीफ़लेट, मरीज़ों की अपनी भाषा में

वही टेक्स्ट 14 नैरेशन भाषाओं में से किसी में भी बनाएँ, जिनमें स्पैनिश, अरबी, हिंदी, उर्दू, बांग्ला और पुर्तगाली शामिल हैं। अपनी टीम का जाँचा हुआ अनुवाद पेस्ट करें; नैरेशन ठीक वही पढ़ता है जो आप पेस्ट करते हैं। मुफ़्त: रोज़ 1 वीडियो, हर वीडियो 2 मिनट तक।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह डॉक्टरी सलाह की जगह ले सकता है?

नहीं। ये वीडियो जानकारी और शिक्षा के लिए हैं। डिस्क्लेमर कार्ड जोड़ें और हर वीडियो का रिव्यू किसी योग्य व्यक्ति से करवाएँ।

क्या वीडियो हमारा मंज़ूर लीफ़लेट शब्दशः पढ़ सकता है?

हाँ। टेक्स्ट ‘मेरे पास स्क्रिप्ट है’ में पेस्ट करें, या PDF अपलोड करके ‘शब्दशः पढ़वाएँ’ चुनें।

क्या शरीर-रचना की ड्रॉइंग सटीक होती हैं?

ये सरल चित्रण हैं जो आइडिया दिखाते हैं। पब्लिश करने से पहले हर बोर्ड जाँचें; सदस्य किसी एक बोर्ड को फिर से बनवा सकते हैं।

क्या हम अपने मरीज़ों के लिए वही वीडियो स्पैनिश या अरबी में बना सकते हैं?

हाँ। जाँचा हुआ अनुवाद पेस्ट करें और उस भाषा की आवाज़ चुनें। नैरेशन ठीक वही टेक्स्ट पढ़ता है जो आप देते हैं।

क्या मेरा वीडियो पब्लिक होता है?

सिर्फ़ तब, जब आप राज़ी हों। कोई वीडियो पब्लिक गैलरी में तभी दिखता है जब आप इजाज़त दें; वरना वह साइट पर कहीं नहीं दिखता।

पेशेंट एजुकेशन वीडियो कितना लंबा होना चाहिए?

एक वीडियो में एक विषय, आमतौर पर एक से तीन मिनट। मुफ़्त वीडियो 2 मिनट तक का हो सकता है।