अपने ही नंबर से आया मैसेज: एक डरावनी कहानी
Made by a StrokeVideo user · 3 min 16 sec · Hindi
Made with StrokeVideo from a plain text script, no editing.
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अगर तुम्हारे फोन पर तुम्हारे ही नंबर से मैसेज आए कि “आज रात दरवाज़ा मत खोलना”, तो क्या तुम उसकी बात मानोगे?
रात के ठीक 12 बजे आरव अपने कमरे में अकेला बैठा था।
अचानक उसके फोन पर एक मैसेज आया।
भेजने वाला नंबर देखकर आरव के होश उड़ गए।
वह नंबर उसी का था।
मैसेज में सिर्फ लिखा था— “आरव, चाहे कुछ भी हो जाए, आज रात अपने घर का दरवाज़ा मत खोलना।”
आरव को लगा कि कोई उसके साथ मज़ाक कर रहा है।
उसने तुरंत अपने नंबर पर कॉल किया।
फोन उसके हाथ में ही बजने लगा।
लेकिन तभी दूसरा मैसेज आया।
“मुझे पता है तुम सोच रहे हो कि ये मज़ाक है।”
आरव की सांसें तेज़ हो गईं।
फिर तीसरा मैसेज आया।
“खिड़की से बाहर देखो।”
आरव धीरे-धीरे खिड़की के पास गया।
सड़क बिल्कुल सुनसान थी।
लेकिन सामने एक स्ट्रीट लाइट के नीचे कोई आदमी खड़ा था।
उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था।
आरव ने फोन की स्क्रीन देखी।
नया मैसेज था।
“वो आदमी तुम्हें देख रहा है।”
आरव ने दोबारा खिड़की की तरफ देखा।
वह आदमी गायब हो चुका था।
उसी पल घर की सारी लाइटें बंद हो गईं।
और सामने वाले दरवाज़े पर तीन बार दस्तक हुई।
ठक… ठक… ठक…
आरव डरकर पीछे हट गया।
फोन फिर चमका।
मैसेज आया—
“मैंने कहा था दरवाज़ा मत खोलना।”
आरव ने कांपते हुए पूछा—
“तुम हो कौन?”
कुछ सेकंड तक कोई जवाब नहीं आया।
फिर एक आखिरी मैसेज आया।
“मैं तुम हूँ।”
आरव का चेहरा सफेद पड़ गया।
फिर दूसरा मैसेज आया—
“लेकिन कल का।”
उसी समय दरवाज़े के बाहर से आरव की अपनी आवाज़ सुनाई दी।
“आरव… दरवाज़ा खोलो।”
आरव पीछे हट गया।
बाहर वही आवाज़ फिर आई—
“मुझे पता है तुम अंदर हो।”
आरव ने फोन देखा।
स्क्रीन पर नया मैसेज था।
“अब जो भी हो… खिड़की के पास मत जाना।”
आरव ने धीरे-धीरे खिड़की की तरफ देखा।
और शीशे में उसे अपना ही चेहरा दिखाई दिया।
लेकिन वह चेहरा मुस्कुरा रहा था।
जबकि आरव बिल्कुल नहीं मुस्कुरा रहा था।
फिर फोन की स्क्रीन काली हो गई।
और आखिरी बार एक मैसेज दिखाई दिया—
“अब तुम्हारी बारी है।”
उस रात आरव के घर से कोई आवाज़ नहीं आई।
सुबह पड़ोसियों ने दरवाज़ा खोला।
कमरा खाली था।
सिर्फ मेज़ पर आरव का फोन पड़ा था।
और फोन की स्क्रीन पर एक नया मैसेज था—
“अगला नंबर तुम्हारा है।”
How this video was made
A StrokeVideo user typed their own topic or pasted their own script, picked the whiteboard style and a vertical 9:16 frame, and rendered it. Every board was illustrated for their words, narrated in Hindi, and drawn stroke by stroke with the drawing synced to word-level timestamps. Nothing was edited by hand afterwards.
Why it is here
We ask every user whether their finished video may appear in this gallery. This one said yes. Names and email addresses are never shown, and the video stays theirs. Real work from real users shows what the tool actually produces, not what we picked to show off.